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तराना ए जश्न ए बर्बादी

                
                                                         
                            सिमट कर यादों के कारवां में किया बहुत नुकसान अपना मैने इक तू है जो समझ ना पाया बताया दर्द सारा मैने
                                                                 
                            
मेरी बरबादियों पर हसने वाले राह ए वफा बिछे मिले हमें कांटे जिंदगी मसला मेरे लिए बताया तुम्हें सच सारा मैने
बढ़ा कर दर्द ओ तमन्ना हुआ भला कब किसी का करके अब शुमार दर्द होकर रू ब रू सुनाया भी दर्द सारा मैने
सच तो ये है मिला फुर्सत तुम्हें कब अपनी दुनिया से जला के चिराग़ ए दिल बताया आज तुम्हें ही सच सारा मैने
हालांकि रस्म ए वफा के नाम पे आजमाया तुम्हें बार बार मैने दिल है कि मानता नहीं मगर सुनाया सच सारा मैने
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एक महीने पहले

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