गुज़ार दी मैने जिंदगी इंतजार में तेरे और तू ही हमें भूल गया हम अब अपनी याद दिलाएं तुमको कैसे
मैने मोहब्बत छुपा रखा दुनिया की नज़रों से अपने दिल में गर याद नहीं तो याद दिलाएं तुमको कैसे
तुम बदल कर मिजाज़ हमें भूल जाते हो रूठे हुए को मनाना गुनाह नहीं ये समझाएं तुमको कै
तू ख्याल ओ ख्वाब में आकर दिल लगाने लगा मुझसे अपने दिल की बातें मैं सुनाऊं तुमको कैसे
हो कर खाक अरमां मिटा न सके राह ए तलब मुलाकात हुई आज तो गम अपना बताएं तुमको कैसे
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