ना मेरा कोई दुश्मन ना कोई हमदम बाद मुद्दत अचानक देखा है आज़ मैने करीब से तो तेरे हाथ में खंजर मिला
हालांकि साथ तेरे दूर तक गए हम मगर ना कोई बात हुई देखा मैने जब गौर से तो तेरी आंखों में समंदर मिला
वो क्या जमाना था सफर साथ साथ किया करते थे हम हैरान हूं मैं ये देख कर तेरी आंखों में ही मंजर मिला
हालांकि वक्त ने भी हमें सताया है बहुत जब भी सोचा दूर तेरी दुनिया से होने को दिल मेरा तेरे अंदर मिला
सोचा बढ़ा कर फासला तुमसे जी लेंगे किसी तरह मगर ये क्या वक्त ए रुखसत तेरी आंखों में समंदर मिला
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