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फसाना ए बेकरार दिल

                
                                                         
                            जान के सच्ची दुआएं मेरी चिराग़ ए दिल तुम ही जला जाओगे दिल मेरा पत्थर नहीं सोच कर अरमां तुम बढ़ा जाओगे
                                                                 
                            
है तेरी दुनिया मेरी दुनिया से अलग सच सब जानते हैं और तुम अब बेचैनियाँ दिल की मेरी ही कुछ और बढ़ा जाओगे
दर्द दिल का कहूं मैं कैसे बरबादियों ने घुट घुट कर जीना सिखा दिया जान के तुम महरूम हमें कुछ और सता जाओगे
अभी तक तो हमें अपनी वफाओं पर भी था नाज़ बहुत देकर तू ठोकरें हमें बार बार चिराग़ ए दिल कभी बुझा जाओगे
मना कर जश्न ए बर्बादी दिल को भी बहुत सताए हैं और देकर तू हमें ताने हजार अरमां दिल का कभी मिटा जाओगे
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3 महीने पहले

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