फिक्र में अब हमें सिर्फ रोना ही रोना है तुम मेरी किस्मत का हाल मत पूछो करूं क्या हिज़्र में अब यही होना है
मत खेल मेरी जिंदगी से देख कर गर्दिश ए हालात मेरी तुम्हें खुश होना है तू बा जाहिर नसीब का खिलौना है
पहले भी तो मैंने खाक उड़ाई है तेरी वज़ह से अभी और खाक होना है देख कर तमाशा तेरा अब यही होना है
कभी तो खोल कर आंख नज़ारा कुदरत का देख लिया कर हमें बगैर तेरे मिटा के अरमां सारे बेचैन सोना है
ऐ जिंदगी करूं क्या जो दर्द दिया तूने हमें सहना है अब तुम जख्म ना दो तोड़ कर दिल हमें रात भर रोना है
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