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बेचैन ख्वाहिशें

                
                                                         
                            देख कर मजबूर हमें इक रोज़ दिखा दिया फसाना ए उल्फत मिटा कर दिखा दिया तूने जमाना अपना
                                                                 
                            
मुझसे मिल कर बिछड़ने का कोई गम ही नही तुम्हें बिखरती खुशबू से दिखा दिया तूने जमाना अपना
मेरे मिजाज़ को हुआ क्या ये न पूछो हमने बढ़ा कर शुरूर ए मोहब्बत दिखा दिया तुझे जमाना अपना
तन्हाइयों के दौर में जीना है मुश्किल बढ़ा कर अरमां आऊं मैं सामने तेरे दिखा दिया जमाना अपना
देख कर बदलाव तेरे मिजाज़ में घबरा गए हम ऐ इश्क तूने हो कर बेरहम दिखा दिया जमाना अपना
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3 महीने पहले

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