हुआ है तू चुप देख के अचानक हमें जैसे कुछ हुआ नहीं क्या पता तू ही अब हमें भूल जाएगा
मैं थक चुका हूं सफर ए तन्हाई में बिछड़ के मुझसे क्या पता था तू ही वो ज़माना भूल जाएगा
बिछड़ कर मुझसे सकूं तुम्हें मिला होगा और क्या पता मिटा कर अरमां सारे हमें भूल जाए
तुमसे मिलने की सूरत दिखती नहीं किया उम्र भर तन्हा हमें शायद तू हौसला मेरा भूल जायेगा
शाम ए गम तेरा इंतजार कब तक करूं छीन के सौगात ए वफा तू मुझको ही अब भूल जायेगा
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