दर्द मेरे दिल का थमा अभी नहीं कि इक दर्द और देकर दिल तोड़ दिया अभी अभी
तेरी सूरत का तसव्वुर जब से दिल में आने लगा है मैंने दिल थाम लिया अभी अभी
हम होश ओ हवास खो बैठे लाकर दिल में तुम्हें हमसे न हो जुदा तुम तो अभी अभी
खुद ब खुद उठा के नकाब मुंह से न लगा अब कोई इल्जाम तुम ही मुझ पे अभी अभी
हो कर खफा अच्छा न किया मिटा दिया गम खाक में देकर सजा खुद को अभी अभी
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