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अंदाज़ ए बेचैन दिल

                
                                                         
                            नक्श ए दिल पे जो बीती है कह नहीं सकता तुमसे मिटा कर अरमां सारे दिल मेरा प्यासा रह गया
                                                                 
                            
ख्यालों में लाकर तुझे ख्वाहिशें दिल से न जुदा हो सकी दिल जो आबाद था अब तन्हा रह गया
वफा की राह में धोखा खाए हम बार बार तुम्हें मैं भुला न सका सोच कर दिल में आह रह गया
होकर दूर तुमसे किस तरह गुजारा जिंदगी हमें दर ब दर करने वाले तेरा ये फसाना याद रह गया
हालांकि बगैर तेरे जिंदगी के हर मोड़ पर बसर की मैने दिल कहता है हर लम्हा अधूरा रह गया
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2 महीने पहले

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