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अनोखा प्रेम

                
                                                         
                            मेरे जीवन में प्रेम के किस्से भी अजीब हैं,
                                                                 
                            
जिस पर भरोसा नहीं कर सकते, वो हमारे करीब हैं।
मुझे पता है कि, वो शख्स हमारा था ही नहीं,
मुझे आज जिस शख्स को पाने की जिद्द है।

जिस शख्स को मैं राज रखना चाहता था,
वो शख्स बेनकाब हो गया।
मेरे जीवन जीने का तरीका,
उस शख़्स की वजह से बेहिसाब हो गया।

मुझे क्या पता था कि, मैंने उस इंसान के साथ,
जो सपना देखा था वो चूर-चूर होगा।
उस इंसान को लगता है कि इसमें मेरा ही कसूर होगा।
अब मैं कैसे बताऊं कि उन्होंने जो किया,उससे मैं खुद से ही दूर हो गया।
-विकास मौर्या
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16 घंटे पहले

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