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हर हर महादेव

                
                                                         
                            शिव के नाम का डंका बजे
                                                                 
                            
हर हर महादेव चारो और गुंजे 

शांत करने काली को रुद्र बन गये 
वरदान देने को दया का समुद्र बन गये 

मनचाहा वरदान देते हमारे भोलेनाथ 
बेडा पार हो जाये अगर हो तेरा साथ 

मस्तक पर धारण है तेरे चंद्रमा 
तेरी पत्नी आदिशक्ती है उमा 

पुत्र है तेरे गणेश और कार्तिकेय 
सारे लोग जग मे तेरी पूजा करे 

प्रवाह गंगा का तूने रोक लिया 
गंगा को जटाओ मे स्थान दे दिया 

भूत पिशाच हि तुझे भाए
तुझसे भक्त कर्मो के हिसाब सेही फल पाए 

नेत्र तिसरा खोलकर असुरो को भस्म किया 
समुद्रमंथन मे निकला हलाहल विष पिया 

वस्त्र बाघ छाल का धारण कर लिया 
बुराईयो का अंत अपने त्रिशूल सेहि किया 

नंदी बैल को बना लिया अपना वाहन 
बैठकर उसकी पीठ पर कर दिया उसे पावन 

शिव के नाम का डंका बजे 
हर हर महादेव चारो ओर गुंजे 

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4 वर्ष पहले

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