सर्वव्यापी रूप भय का,
शत्रु है, या मित्र है यह,
मुश्किल है पहचानना,
शाप या वरदान है यह,
अजेय या फिर हेय है यह,
चेतावनी है या चुनौती,
घृणा के यह योग्य है,
या इसे है संवारना,
सर्वव्यापी रूप भय का,
मुश्किल है पहचानना।।
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