हे भगवान गरीबी मत देना ।
जिस दुःख के कंधों पर दुःख का अंबार खड़ा हो,
जिससे किस्मत पर,पौरुष और विवेक पर ,
प्रश्नों का तूफान घिरा हो,
जो मन के हालात नहीं ,पर दुःख यथार्थ है , स्वाभिमान, कर्त्तव्यों का प्रेम ना लेना , हे भगवान गरीबी मत देना ।। देखो समाज की मर्यादा टूट ना जाए , कुचला जा कर भी कोई आवाज़ ना पाए ,
गैरों के आश्रय पर सांसे ठहर ना जाए ,
जीवन देना तो जीवन का दम ना लेना , हे भगवान गरीबी मत देना ।। बाट जोहते उमर किसी की बीत ना जाए ,
संततियों की निर्भरता छली ना जाए , ऐसा ना हो कभी ना श्वेता जल बरसाए , इंतज़ार इक दिन चातक का हर लेना , हे भगवान गरीबी मत देना । ।
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