मत ना इतना तड़पाओ,
कि दीदार को ही तेरे तरस जाऊँ,
वो जो हूँ दीवाना मैं तेरी अदाओं का,
बस खुशबू बन तुझमें ही रम जाऊँ,
कि वो जो रश्मि निकलती है,
सुबह के सूरज की चमक से,
वैसे ही बस तेरे नाम से साहिल,
मैं भी अब रोशन हो जाऊँ..!
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