सज रहा है बाजार मिल रही हैं
विभिन्न प्रकार की राखियां,
खरीददारी चल रही है त्योहार
की।
देखकर इस पावन पर्व की रौनक
को बस यही ख़्याल आया की
बहुत सारे सपने टूटे लो एक सपना
और टूट गया। राखी का धागा ही
मजबूत था केवल रिश्ता कच्चा
निकला जो बड़ी जल्दी टूट गया।
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