आजकल लगभग लोग पालतू पशुओं को पाल रहे हैं।
कोई बिल्ली तो कोई डोग कोई कुछ अन्य जानवरों
को।
अच्छी बात है बहुत नेक कार्य उनकी केयर
भी हो जाती है और उनको अच्छा बेहतर
जीवन मिलता है।
पशुओं के प्रति दयाभाव रखना ही चाहिए
हर जीव जंतु के प्रति दया व प्रेम रखना
चाहिए यही मानव धर्म है।
एक बात जो अक्सर जो देख रहे हैं तो कभी
पढ़ भी रहे हैं खबरों पर की जो लोग डोग को
घर पर रखते हैं उन्हें पालते हैं उनको वह
पशु नहीं बल्कि घर का ही अपना कोई
सदस्य जैसा लगता है।
वह लंबे समय से उनके साथ रह रहा होता है।
उनके साथ समय व्यतीत करता है सदैव
उनकी रक्षा में तत्पर रहता है उनकी आज्ञा
का पालन करता है उनके सुख-दुख में
शामिल होता है रखवाली करता है।
वो सब हम सभी मानते हैं और भली-भांति
जानते हैं।
मगर सिक्के का दूसरा पहलू ये भी है की
वह आपका अपना है पर दूसरों के लिए
कभी कभी खतरा भी साबित हो सकता है
और होता भी है।
आप उसे बच्चे की तरह प्रेम देते हैं वह
आपके नियंत्रण में है पर जब कोई अतिथि
घर आते हैं या बाहरी व्यक्ति जो आपके
घर आते हैं वह उनसे परिचित नहीं हैं।
हर कोई कंफर्टेबल महसूस नहीं करता है।
बहुत लोग डरते भी हैं उनसे दूर भी रहना
चाहते हैं हर किसी की अपनी पसन्द
ना पसंद है।
यदि कोई डरता है तो मालिक को लगता है
वह उससे चिढ रहा है पसन्द नहीं कर रहा है
मालिक को यह बात अपमानजनक लगती है।
जबकी यह एक डर हो सकता है या नापसंद
और इसमें कोई एतराज़ नहीं होना चाहिए।
वह सोचते हैं की मेरा डोग है तो ना काटेगा
ना ही किसी को चोट पहुंचाएगा यह तो
सबका प्रिय है सबका लाडला है सबसे
दोस्ती कर लेता है।
उन्हे पूर्ण विश्वास होता है की वह कुछ भी
नहीं करेगा। अक्सर वह बाहर खुला
छोड़ते हैं चैन छोड़ देते हैं ये ध्यान रखें
वह केवल आपके नियंत्रण में है आपको
पहचानता है वह अबोध है आप तो
समझ रखते हैं आपको ऐसा क्यों लगता है
की वह किसी को नहीं काटेगा या चोट
पहुंचाएगा।
अक्सर मालिक की इस सोच के चलते व
लापरवाही की वजह से कितने ही लोगों
को नुक्सान उठाना पड़ा है।
अभी खबर पढ़ी थी की किसी पालतू
डोग ने युवती का चेहरा फाड़ दिया।
सुनकर बड़ा ही दुःख लगा और सोचा
इस विषय पर भी लिखना चाहिए यह
मालिक व परिवार के हर उस व्यक्ति की
जिम्मेदारी है की अपने पालतू का नियंत्रण
अपने हाथ में रखें जब भी सार्वजनिक स्थान
पर जाएं तो खुला ना छोड़े ना ही अतिथि के
आगमन पर खुला छोड़कर घूमने दें।
हम सभी आपकी भावनाओं की कद्र करतें
हैं पर आप भी समझिए पालतू पशु पशु है।
आप भूल मत जाइए की इंसान भी हैं इर्द-गिर्द
उनकी भी रक्षा करना हमारा फ़र्ज़ है।
सार्वजनिक स्थान पर आपका पूरा कंट्रोल
होना चाहिए किसी के ऊपर झपटे ना ही
वार या हमला करे यह मालिक को ख्याल
रखना चाहिए।
मैंने भी देखा है सुबह वाक करने कुछ बुजुर्गो
के भरोसे बड़े बड़े हैवी वेट डोग छोड़ देते हैं
उनसे संभलते ही नहीं। चैन छोड़कर वह
भागने लगते हैं और किसी अंजान पर
भौंकते हैं ऐसे में दूसरे को चोट लगेगी
तो कौन जिम्मेदार है।
सार्वजनिक क्षेत्रों में बच्चे बुजुर्ग महिला सभी
आते हैं और बहुत से लोगों को डर लगता है।
कोई भी पशु पक्षी पालतू बना रखा है तो
आप उसकी भावनाओं को समझते हैं
तो इंसानों की भावनाओं को भी समझिए।
और कोई डरे घबराए तो कृपया उसके
प्रति नफरत मत पालिए आपके लिए वह
सब-कुछ होगा पर दूसरे के लिए वो और
उसके लिए दूसरे दूसरे ही रहेंगे ।
इस विषय पर विचार करें और निष्पक्षता
से सम़झने की कोशिश करें किसी की
जिंदगी व सुरक्षा का सवाल है।
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