कोई तो चमत्कार मेरे प्यार में आवे।
ये इश्क़ तेरा मेरा भी इज़हार में आवे।।१
चालान मुहब्बत का मेरे नाम पे काटो।
अपना भी मुक़दमा तेरे दरबार में आवे।।२
कुछ ऐसा लिखूं दुन्यां में मशहूर हो जाऊॅं।
मेयार-ए-बलाग़त मेरे अश'आर में आवे।।३
नाचीज़ से शिकवा न शिकायत हो किसी को।
ऐसा ही हुनर मेरे भी क़िरदार में आवे।।४
रौशन हो जहॉं सारा ये फ़ैले हो उजाले।
बस प्यार मुहब्बत की लौ संसार में आवे।।५
बैठे तेरे दीदार की हम आस लगाए।
तोहफ़ा ले दिवाली का वो त्यौहार में आवे।।६
दो बोल अगर प्यार से वो 'दीप' जो बोले।
दिल जान-ओ-जिगर तेरी गिरफ़्तार में आवे।।७
-प्रदीप तिवारी 'दीप'
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