क्रिकेट है अनिश्चितताओं का खेल,
कहावत आज फिर सच साबित हुआ।
जब कोलंबो में पाकिस्तान~कनाडा,
जीत का लक्ष्य लिए मैदान में उतरा।।
एक तरफ कनाडा, दूसरी ओर पाक,
दोनों में अंतर तो जमीन आसमान।
इंग्लैंड, आयरलैंड को भूले कैसे?
जब कर गया वहां भी बड़ा उलटफेर?
अनुभवी टीम नहीं चाहती कोई चूक हो,
अच्छे स्कोर के साथ सुपर आठ में पहुंचे।
पाकिस्तानी टीम यही सोच लिए उतरी,
टास जीत पहले बल्लेबाजी करने पहुंचे।।
कनाडा के आगे सही नहीं चल पाया,
एक बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर पाया।
तीन खिलाड़ी दहाई अंक नहीं छू पाए,
दो तो अपना खाता भी नहीं खोल पाए।।
तिरालिस ओवर में 184 रन बना,
सब के सब पैवेलियन लौट आए।
एक फिसड्डी टीम के आगे,
बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर पाए।।
कनाडा ने अच्छी शुरुआत की,
पाकिस्तानी टीम को बांधकर रखा।
कोई भी पचासा जड़ नहीं पाया,
कोई खुलकर खेल नहीं पाया।।
185 का लक्ष्य लिए कनाडाई,
बल्लेबाजी करने मैदान में उतरे।
इनका भी विकेट गिरता रहा,
चौथे विकेट के लिए 60 रन जोड़े।।
17 ओवर में 85 रन की दरकार,
ऊपर से 7 विकेट भी बरकरार।
इस क्रिकेट महाकुंभ में दूसरा बड़े,
उलटफेर की आशंका हुई तैयार।।
ऐसे में अनुभव ने किया काम,
कप्तान अफरीदी किए कमाल।
ग्यारह गेंदों में चार विकेट झटके,
कनाडाई खेमे में मचा कोहराम।।
सात विकेट सुरक्षित 85 बनाने थे,
लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाए।
चौतीस रन के भीतर भीतर,
कनाडा सातों विकेट है गंवाए।।
अफरीदी 23 रन दे 5 विकेट झटके,
कनाडा के जबड़े से विजय को छीने।
कनाडाई यह सब देखते रह गए,
अनुभव का लाभ पाकिस्तान ले गए।।
इस टूर्नामेंट में दूसरी बार,
ऐसी घटना घट गई।
जब दोनों ही टीमें अपनी,
निर्धारित ओवर खेल नहीं पाई।।
संघर्षपूर्ण मुकाबले में,
पाक मैच जीत गया।
अनुभवहीन टीम पर,
अनुभव भारी पड़ गया।।
अफरीदी विश्व कप में दोहरा 5 विकेट,
झटकने वाले चौथे गेंदबाज बने।
लगातार तीन बार 4 विकेट लेने वाले,
एक दिनी मैच में सातवें गेंदबाज बने।।
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