आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

रास्तों में अगर पत्थर आएँ,

                
                                                         
                            रास्तों में अगर पत्थर आएँ,
                                                                 
                            
तो रुक जाना मत सीख। हर ठोकर से कुछ सीख लेकर, आगे बढ़ते जाना सीख।

सुबह जब सूरज जगाए तुमको,
नींद चाहे फिर भी आए। सपने पूरे करने हैं अगर, तो मेहनत से कदम बढ़ाए।

चाय कभी फीकी हो जाए,
या दिन थोड़ा मुश्किल हो। हँसकर उसको अपना लेना, कल फिर खुशियों का पल हो।

जेब में पैसे कम हो जाएँ,
तो दिल को उदास न करना। हिम्मत और उम्मीद साथ हों, तो जीवन से हार न मानना।

मुश्किलें जब सामने आएँ,
उनसे कभी घबराना नहीं। हौसले के साथ चलते रहना, कदमों को पीछे हटाना नहीं।

ज़िंदगी एक सुंदर सफर है, हर पल इसमें खास है। जो हँसकर जीना सीख गया, उसके चेहरे पर विश्वास है।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
3 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर