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शिवजी को समर्पित सावन

                
                                                         
                            कभी तो रिमझिम रिमझिम
                                                                 
                            
झड़ी लगाकर बरसता हैं सावन।
कभी धुआंधार बरसके,
नदियों में तांडव मचाता हैं सावन।।

रिमझिम रिमझिम बरसके
धरा की प्यास बुझाता है सावन ।
हरे गालिचे की तरह,
धरा पर हरियाली बिछाता है सावन।।

जब बरसता है रिमझिम
शिवजी का सौम्य रुप लगता हैं सावन।
नदियों में जब आती है बाढ़ ,
शिवजी का रौद्र रुप दिखाता है सावन।।

पूरा का पूरा महिना
श्री शिवजी को समर्पित है सावन।
श्रद्धालुओं को,
भोलेनाथ की भक्ति में डूबाता हैं सावन।।

साल के सभी महिनों पर
भारी पड़ता है ये बारिश वाला सावन।
धरा पर बरसके,
धरा का मंगल स्नान कराता हैं सावन।।

पूरे संसार के
पालन की जिम्मेदारी उठाता हैं सावन।
इसीलिए शिवजी को,
मनभावन लगता है बारिश वाला सावन ।।
-ओ सी पटले
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एक घंटा पहले

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