लेखनी लिख रही से।
मातृभाषा बढ़ रही से।
गढ़ रहीं से नवों इतिहास,
पोवारी वैभव बढ़ रही से।।
लेखनी लिख रही से।
पोवारी साहित्य बढ़ रही से।
गढ़ रहीं से नवों इतिहास,
पोवारी वैभव बढ़ रही से।।
लेखनी लिख रही से।
सच्चो इतिहास सांग रहीं से।
गढ़ रहीं से नवों इतिहास,
पोवारी वैभव बढ़ रही से।।
लेखनी लिख रही से।
नव चेतना जगाय रहीं से।
गढ़ रहीं से नवों इतिहास,
पोवारी वैभव बढ़ रही से।।
लेखनी लिख रही से।
विचार वैभव बढ़ रही से।
गढ़ रहीं से नवों इतिहास,
पोवारी वैभव बढ़ रही से।।
लेखनी लिख रही से।
पहचान पर गर्व बढ़ रही से।
गढ़ रहीं से नवों इतिहास,
पोवारी वैभव बढ़ रही से।।
भाषा वैभव बढ़ रही से।
सांस्कृतिक वैभव बढ़ रही से।
बढ़ रही से वैचारिक वैभव।
पोवारी वैभव बढ़ रही से।।
-ओ सी पटले
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