बोलो पोवारी लिखो पोवारी
नारा देया आम्हीं,उदबोधक नारा।
अना देखता- देखता,
बव्हन लगी भाषिक चेतना की धारा।।
बोलो पोवारी लिखो पोवारी
नारा लगाया आम्हीं, प्रेरणास्पद नारा।
अना देखता- देखता,
बव्हन लगी भाषिक अस्मिता की धारा।।
बोलो पोवारी लिखो पोवारी
नारा लगाया आम्हीं, मार्गदर्शक नारा।
अना देखता- देखता,
बव्हन लगी भाषिक स्वाभिमान की धारा।।
बोलो पोवारी लिखो पोवारी
नारा लगाया आम्हीं, पथ-प्रदर्शक नारा।
अना देखता- देखता,
बव्हन लगी साहित्यिक चेतना की धारा।।
बोलो पोवारी लिखो पोवारी
नारा लगाया आम्हीं, उद्दीपक नारा।
अना देखता- देखता,
बव्हन लगी साहित्य सरिता की धारा।।
बोलो पोवारी लिखो पोवारी
नारा लगाया आम्हीं, अभूतपूर्व नारा।
अना देखता- देखता,
सफल भयी भाषिक क्रांति की विचारधारा।।
जय पोवार जय पोवारी
नारा लगाया आम्हीं, अभूतपूर्व नारा।
अना देखता- देखता,
बव्हन लगी पोवारी स्वाभिमान की धारा।।
-ओ सी पटले
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