आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

पोवारी भाषा वैभव को दुर्लभ दर्शन

                
                                                         
                            अगर भाषा वैभव देखनों से त्
                                                                 
                            
अमर उजाला वेबसाइट पर जाव।
येन् वेबसाइट पर जायके,
पोवारी भाषा प्रोफाइल खोज लेव।।

पोवारी की प्रोफाइल ला
तुम्हीं पावन हाथों लक खोल लेव।
यहां एक- एक करके,
मातृभाषा की कविताएं देख लेव।।

आपलो फुर्सत को समय
यहां की सुंदर कविताएं बाच लेव।
यहां की हर कविता मा,
पोवारी भाषा वैभव तुम्हीं देख लेव।।

यहां की पोवारी कविताओं मा
पोवारी शब्दों को सौंदर्य देख लेव।
यहां की पोवारी कविताओं मा,
मातृभाषा पोवारी को वैभव देख लेव।।

यहां की कविताओं मा
कवि को मन की गहराई मोज लेव।
यहां की कविताओं मा,
कवि कल्पनाओं की उड़ान देख देव।।

यहां की कविताओं मा
सुंदर अलंकारों को प्रयोग देख लेव।
यहां की कविताओं मा,
मनभावन बिंबों को प्रयोग देख लेव।।

भाषा वैभव देखकर
अनुभव संसार ला अवश्य सांग देव।
पोवारी भाषा वैभव को,
सौरभ तुम्हीं जनसागर मा फैलाय देव।।

-ओ सी पटले
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक घंटा पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर