ढाल बनों तलवार बनों।
नैया पार करन पतवार बनों।
बाचो पोवारी सिखों पोवारी,
मातृभाषा मा नव-प्राण को संचार करों।।
पोवारी का कलाकार बनों।
पोवारी का साहित्यकार बनों।
बाचो पोवारी सिखों पोवारी ,
मातृभाषा मा नव-प्राण को संचार करों।।
उठों लेखनी की तेज धार करों।
वैभव बढ़ावन को विचार करों।
बाचो पोवारी सिखों पोवारी,
मातृभाषा मा नव-प्राण को संचार करों।।
मातृभाषा का आधार बनों।
मातृभाषा का तारणहार बनों ।
बाचो पोवारी सिखों पोवारी,
मातृभाषा मा नव-प्राण को संचार करों।।
मातृभाषा को ऋण स्वीकार करों।
मातृभाषा को प्रति वफादार बनों।
बाचो पोवारी सिखों पोवारी,
मातृभाषा मा नव-प्राण को संचार बनों।।
अवरोधों को तीव्र प्रतिकार करों।
समाज को गरो को कंठहार बनों।
बाचो पोवारी सिखों पोवारी,
मातृभाषा मा नव-प्राण को संचार करों।।
मातृभाषा मा सौंदर्य संचारित करों।
मातृभाषा मा वैभव संचारित करों।
बाचो पोवारी सिखों पोवारी,
मातृभाषा मा नव-प्राण संचारित करों।।
-ओ सी पटले
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