समाज की पहचान से।
समाज को स्वाभिमान से।
आमरी मातृभाषा पोवारी,
ईश्वर को अनमोल वरदान से।।
पोवारी संस्कृति को प्राण से।
पोवार समाज को प्राण से।
आमरी मातृभाषा पोवारी,
ईश्वर को अनमोल वरदान से।।
पोवार समाज की शान से।
पोवार समाज को मान से।
आमरी मातृभाषा पोवारी,
ईश्वर को अनमोल वरदान से।।
स्वतंत्र जाति को प्रमाण से।
अलग संस्कृति को प्रमाण से।
आमरी मातृभाषा पोवारी,
ईश्वर को अनमोल वरदान से।।
पोवार समाज की चेतना से।
पोवारी संस्कृति की चेतना से।
आमरी मातृभाषा पोवारी,
ईश्वर को अनमोल वरदान से।।
भाषा को सौंदर्य मा शान से।
भाषा को वैभव मा शान से।
आमरी मातृभाषा पोवारी,
ईश्वर को अनमोल वरदान से।।
मातृभाषा को मान मा शान से।
परम् पिता को भी सम्मान से।
आमरी मातृभाषा पोवारी,
ईश्वर को अनमोल वरदान से।।
-ओ सी पटले
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