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गड़गड़ाहट करत आयी भाषिक क्रांति

                
                                                         
                            मेघों की गड़गड़ाहट वानी
                                                                 
                            
शोर मचावत आयी भाषिक क्रांति।
विचारों की गड़गड़ाहट करत,
आयी समाज मा भाषिक क्रांति।।

आकाश मा कड़ाड़ती बिजली वानी
लखलखाट करत आयी क्रांति।
विचारों की लखलखाट को साथ,
आयी समाज मा भाषिक क्रांति।।

सावन को बारिस वानी
निरंतर बरसाव करत आयी क्रांति।
प्रेरक विचारों की वृष्टि करत,
आयी समाज मा भाषिक क्रांति।।

सावन को बारिस वानी
धरा ला तृप्त करत आयी क्रांति।
प्रेरक विचारों लक प्रेरित करत,
आयी समाज मा भाषिक क्रांति।।

बारिश की हरियाली वानी
धरा पर पसरत आयी क्रांति।
मनभावन साहित्य को साथ,
आयी समाज मा भाषिक क्रांति।।

फसल को वैभव वानी
धरा ला वैभव देत आयी क्रांति।
वैभवशाली साहित्य को साथ,
आयी समाज मा भाषिक क्रांति।।

मातृभाषा ला सौंदर्य शाली
बनावन आयी पोवारी भाषिक क्रांति।
मातृभाषा ला वैभवशाली,
बनावन आयी पोवारी भाषिक क्रांति।।

-ओ सी पटले
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2 महीने पहले

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