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भाषा वैभव की सौगंध

                
                                                         
                            भाषा मा माटी की सुगंध से।
                                                                 
                            
वैभव की आमरी सौगंध से।
अगर युवाओं को साथ से ,
भाषा वैभव बढ़ावनो आसान से।।

अनमोल आमरी भाषा से।
मन मा विकास की आशा से।
अगर युवाओं को साथ से,
भाषा वैभव बढ़ावनो आसान से।।

संस्कृति की नायिका से।
संस्कृति की संवाहिका से।
अगर युवाओं को साथ से,
भाषा वैभव बढ़ावनो आसान से।।

प्रकृति को सुंदर उपहार से।
ईश्वर को पावन वरदान से।
अगर युवाओं को साथ से,
भाषा वैभव बढ़ावनो आसान से।।

श्रृंगार रस को आमला ज्ञान से।
करुण रस को आमला भान से।
अगर युवाओं को साथ से,
भाषा वैभव बढ़ावनो आसान से।।

आता अलंकारों को प्रयोग से।
कल्पनाओं की ऊंची उड़ान से।
अगर युवाओं को साथ से,
भाषा वैभव बढ़ावनो आसान से।।

आम्हीं नहीं त् मंग कौन बोलें।
आम्हीं नहीं त् मंग कौन लिखें।
अगर युवाओं को साथ से,
भाषा वैभव बढ़ावनो आसान से।।

-ओ सी पटले
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एक महीने पहले

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