बसंत की बहारों वानी
प्रसन्नता देसे साहित्य मा भाषा वैभव।
नारी को सोलह श्रृंगार वानी,
मनभावन होसे साहित्य मा भाषा वैभव।।
सावन की हरियाली वानी सुंदर
तुलसीकृत रामायण मा से भाषा वैभव।
घनों वनों को सौंदर्य वानी सुंदर,
तुलसीकृत रामायण मा से भाषा वैभव।।
फूलों की बाग वानी सुंदर
मराठी ग्रंथ ज्ञानेश्वरी मा से भाषा वैभव।
सावन की झड़ी वानी सुंदर,
संत ज्ञानेश्वर रचित ग्रंथ मा से भाषा वैभव।।
श्रृंगारित नववधू वानी सुंदर
कालिदास को साहित्य मा से भाषा वैभव।
पर्वतों की हरियाली वानी सुंदर,
महाकवि को साहित्य मा से भाषा वैभव।।
सागर की लहरों वानी सुंदर
महर्षि जैमिनी रचित ग्रंथ मा से भाषा वैभव।
सागर की भरती- ओहटी वानी सुंदर,
अग्रभागवत महाकाव्य मा से भाषा वैभव।।
दिलों ला सम्मोहित
कर लेसे साहित्य मा निहित भाषा वैभव।
भाषा को अस्तित्व ला,
दुनिया मा महिमान्वित कर देसे भाषा वैभव।।
-ओ सी पटले
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