ज्ञान का दीप जलाने वाले,
अंधियारे में राह दिखाने वाले,
संघर्षों की अग्नि में तपकर,
भारत को संविधान देने वाले।
वो थे साहस की सच्ची पहचान,
अन्याय के विरुद्ध उनका अभियान,
हर शब्द में था न्याय का स्वर,
हर कर्म में था देश का सम्मान।
कलम उनकी तलवार बनी थी,
विचारों की झंकार बनी थी,
समानता का संदेश लिए,
हर दिल की पुकार बनी थी।
नहीं झुके वे कठिनाई से,
नहीं रुके किसी बुराई से,
शिक्षा को अपना अस्त्र बनाया,
लड़े सदा सच्चाई से।
संविधान के रचयिता महान,
दिया हमें अधिकारों का ज्ञान,
हर वर्ग को सम्मान दिलाया,
बढ़ाया भारत का अभिमान।
आओ मिलकर नमन करें हम,
उनके आदर्शों को जीवन में भरें हम,
समानता, स्वतंत्रता का दीप जलाएं,
अंबेडकर के सपनों को सच बनाएं हम।
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