47 में दुश्मन ने जब घेरा हिंद का ताज, काश्मीर
लूटा, मारा, जन जन को, किए जघन्य अत्याचार
राजा हरि सिंग कांपे, लड़े नेहरू, पटेल, उस्मान
सोमनाथ,जदूनाथ,राणे,पीरू,कर्म सिंग व वायु वीर
62 में मिली थी हार,मां भारती हुई निढाल और बे रंग
परमवीर थापा, शैतान सिंह, जोगिन्दर, जसवन्त संग
खोए लाल अनेक,दंश था गहरा और पीड़ा अकल्पनीय
सीख ली,बदलेंगे, बदला लेंगे, लिया संकल्प सराहनीय
65 में लाल बहादुर के नन्हे नेट्स ने,गिराए सेबर यान
वृद्ध मिस्टियर, वैम्पायर,कैनबरा ने भी पाया नवयौवन
नाथ, गुडमैन, गौतम, प्रेम, कीलर बंधुओं, नेब, राठौर
गांधी, पठानिया, संधू ने तोड़ा, शत्रु अजेयता अहंकार
चाविन्डा में परमवीर तारापोर व साथियों का टूटा सब्र
पूना हार्स सेंचुरियन टैंकों ने खोदी थी, पैटनों की कब्र
हवलदार अब्दुल हमीद ने खेमकरण में तोड़ा शत्रु तंत्र
महत्वपूर्ण होते युक्ति, साहस और योद्धा, न होता यंत्र
71 में इंदिरा मानेक, घुटनों आया पाक हुआ दो फांक
एडमिरल नंदा और एअर मार्शल लाल ने जमाई धाक
कराची आग में झोंका, सागर तल के हवाले हुई गाज़ी
सेखों, मंगत,वायुवीरों,नेट विमानों ने,रिपु कलाई तोड़ी
अल्बर्ट एक्का, अरुण खेत्रपाल, होशियार सिंग ने
साथियों संग पूर्व और पश्चिम की जमीनी जंग जीती
चांदपुरी साथियों ने लोंगेवाल पैटन कब्रगाह बनाया
ज्यादतियों का बदला लिया,बंगला देश भू पर आया
61 में गुरबचन सिंह ने कांगो में शांति हेतु बलिदान दिया
उनकी राह चले 87 में श्रीलंका में रामास्वामी परमेश्वरन
87 में ही बाना सिंग, ने सियाचिन में इतिहास रच दिया
"कायद चोटी" बनी "बाना चोटी",राजीव का बदला लिया
99 में गरजा था, सरल कवि वाजपेई का आहत दिल
कारगिल के ऊंचे पहाड़ों पर चढ़ कर जमे धोखेबाज
फहराई विजय पताका, साथ थे बोफोर्स, फ्रेंच मिराज
परमवीर थे मनोज, विक्रम, संजय, योगेन्द्र व अनेक
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