आये दिन होने लगी है ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त।
रेल कर्मचारियों की लापरवाही से यात्री है त्रस्त।।
बहुत भयानक है यह एक्सीडेंट।
रेल के डिब्बे तो फिर हो जाएंगे पेंट।।
बहुत से निर्दोष लोगो की चली गई जान।
रेलवे का क्या है उनके परिवारों के लिए प्लान।।
बहुतों के है बूढ़े माँ बाप और छोटे बहन भाई।
उनके लिए खोद दी रेलवे ने लम्बी चौड़ी खाई।।
उनको तो रेलवे ने जिंदा ही मार डाला।
ऐसी रेल व्यवस्था का हो चुका है मुँह काला।।
रेलवे देगा इस दुर्घटना पर अपना घिसापिटा बयान।
रेलवे को नही है अपनी सिग्नल व्यवस्था पर ध्यान।।
नही चाहिए केवल रेलवे के मुआवजे की हिस्सेदारी।
रेलवे को लेनी पड़ेगी पूरे परिवार की जिम्मेदारी।।
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