*ज्ञान का प्रकाश अधूरा ही रहेगा,
यदि किसी के हृदय को छू न सको तुम।
जीवन भी अधूरा ही रहेगा,
यदि किसी के अँधेरों में
आशा का प्रकाश बनकर उतर न सको तुम।
आओ निराश चेहरों पर मुस्कान बिखेरें,
धरती और अंबर भी झूम उठें।
दिलों के फासले मिट जाएँ,
रिश्ते फिर से खिल उठें।
नफ़रत नहीं, प्रेम के फूल बिखरें,
हर मन में विश्वास बसे!
सेवा को जीवन का संकल्प बनाकर,
आओ मुस्कानों और आशाओं का नया संसार रचें।
-पवन कपूर
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