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वादों की उम्र

                
                                                         
                            उम्र वादों की भी, वादों के ही जितनी होती
                                                                 
                            
रिश्तो में कच्चे से, धागों के ही जितनी होती

जिंदगी भर का लगा, रोग है वादा जाता
दिल में रिसती हुई, यादों के ही जितनी होती

उम्र भर कौन, निभा पाया है वादों को अब
उम्र में चंद ही, रातों के ही जितनी होती

ज़िंदगी झूठी, किए वादे भी तो है झूठे
ये मोहब्बत भी तो, बातों के ही जितनी होती

आजकल तो बना, फैशन सा है वादे करना
रोज़ बदले हुए, कपड़ों के ही जितनी होती

वादों को तोड़ा है, सबने बड़ी आसानी से
फिर सज़ा उनकी, गुनाहों के ही जितनी होती

मत करो वादे, अगर तुम न निभा पाओ तो
सर पे गठरी ये भी, पापों के ही जितनी होती
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3 महीने पहले

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