आज दरवाज़ा अचानक खटखटाया है ख़ुशी ने
तीरगी के तन्हा आलम में है थामा दोस्ती ने
हारे थे इस ज़िंदगी के मसलों से हम आज शायद
जीत की राहों पे डाला दोस्तों की बंदगी ने
जब उदासी से घिरा है दिल हमारा ज़िंदगी में
तब दिलासा भी दिया है उनकी ही वाबस्तगी ने
यूँ बिखरने से भी पहले ही सँभाला दोस्तों ने
उनका सरमाया दिया है मेरी इस ख़ुशक़िस्मती ने
ज़िंदगी में और खुशियाँ अब नहीं माँगेगी 'पारुल'
भर दिया है ज़िंदगी में ये उजाला दोस्ती ने
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