चुपके से कह दो मोहब्बत है हमें तुमसे सनम
जन्मों-जन्मों की ही निस्बत है हमें तुमसे सनम
इक ख़ता से जन्मों का नाता कभी टूटा नहीं
आज भी दिल से तो रग़बत है हमें तुमसे सनम
रूठ कर हमसे यूँ ज़ाया मत करो अनमोल दिन
ज़िंदगी में मिलती जन्नत है हमें तुमसे सनम
हार मानी हमने अपनी कान भी लेंगे पकड़
हमसे बस कह दो सख़ावत है हमें तुमसे सनम
आज हैं शायद न कल होंगे जहां में हम तेरे
कह दो तुम 'पारुल' से राहत है हमें तुमसे सनम
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