हिन्दी भाषा, भारत भाषा,
तेरी भाषा, मेरी भाषा
मेरा तेरा सुर जब मिलता,
मन मयूर मेरा खिल उठता।
इस भाषा में रामकथा है,
कृष्ण भक्ति का गीत लिखा है
तुलसी की भक्ति की भाषा,
मीरा के चित की अभिलाषा।
प्रेमचन्द की कहानियाँ हैं,
जयशंकर की जुबानियाँ हैं
सूरदास की गोपियाँ गाती,
कृष्ण प्रेम का गीत सुनातीं।
सप्त स्वरों में गायन करते,
वीणा तबला वादन करते
अवधी,ब्रज इसमें बुन्देली,
देववाणी की पुरा सहेली।
मांँ सी प्यारी हिन्दी भाषा,
भरती जो हर मन में आशा
नायक बनके दिखलायेंगे,
विश्वगुरु हम कहलायेंगे।
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