कहते हैं मेरे कान्हा—
कर दूँगा तेरी समस्या को हल मैं,
पर रहना होगा तुझे भी थोड़े सब्र में।
अब सब्र का मतलब सब्र से है,
सब्र करना है या कराना है?
न आए ये बातें कुछ समझ मुझे,
मेरे कान्हा की।
बस मुझे अब कहना है मेरे कान्हा से कि—
न लो मेरे सब्र की इतनी परीक्षा तुम,
अब कर दो मेरी समस्या को हल तुम।
थक चुका है ये मन इंतज़ार करते-करते,
अब तो सुन लो मेरी पुकार तुम।
- परी नागर
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