हथौड़ा जब छैनी पर गिरता है,
तो पत्थर हमेशा टूटता नहीं,
कभी-कभी उसमें से
एक सुंदर चेहरा बाहर निकल आता है।
युवा होना
ज़ोर से चिल्लाना नहीं है,
यह उस धीरज की तरह है
जो बीज को मिट्टी के अँधेरे में भी
अंकुरित होने का समय देता है।
नदी रास्ता बनाते हुए
पहाड़ को कोसती नहीं,
बस अपनी दिशा में बहती रहती है,
और एक दिन
समुद्र खुद उसे अपनी बाँहों में ले लेता है।
गुस्सा होना तो बहुत आसान है,
पर युवा होना दरअसल,
टूटती हुई किसी चीज़ को
फिर से जोड़ने का हुनर सीख लेना है।
-अपराजितापरम
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