एक गृहिणी पूरा घर संभालती है
अपना पूरा वक्त झोंक देती उसे संवारने में
वो वक्त जिसपर केवल उसका अधिकार है
फिर भी उसको गर तिरस्कृत करते हैं
तो ये समाज की घिनौनी सोच है।
-सरिता सिंह
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