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स्त्री होना आसान नहीं

                
                                                         
                            स्त्री होना आसान नहीं
                                                                 
                            
चाहे वो घर संभालती हो
या कोई भी काम करती हो
वो अपनी गृहस्थी को जहन से नहीं निकाल पाती
सफाई वाली आएगी या नहीं
गर नहीं तो पूरी रसोई अव्यस्थित होगी
सब कुछ समेटना होगा
खाना बनाने वाली तो आ गई थी
वरना काम और बढ़ जाता
अरे दूध बाहर ही तो नहीं छूट गया
बच्चों ने खाना ठीक से खाया या नहीं
आज तो वाशिंग मशीन लगानी ही पड़ेगी
बहुत कपड़े इकठ्ठे हो गए है
अरे सब्जियां भी तो लानी है
आलू प्याज टमाटर खत्म हो रहे है
बच्चों ने होमवर्क किया या नहीं
शाम को खाने में क्या बनेगा ??
और सोते सोते अचानक
कल के लिए राजमा भिगाना तो भूल ही गई
बच्चों को बहुत पसंद है
अरे अलार्म तो देख लेती हूं
लगा है की नहीं
सुबह जल्दी उठना है
फिर से वही दिनचर्या
बेसब्री से इंतजार रहता है
इतवार आने का…....…..
पर उस दिन सबकी स्पेशल डिमांड
स्त्री होना आसान नहीं
सही कहा ना………...
 -सरिता सिंह
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3 महीने पहले

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