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क्यों नहीं हम उनकी रुचि के अनुसार उनका मार्गदर्शन करते

                
                                                         
                            अक्सर हम जो खुद नहीं हासिल कर पाए
                                                                 
                            
वो बच्चों से उम्मीद करने लगते हैं
बिना उनकी रज़ा जाने
बिना उनकी रुचि समझे
आगे जाकर यही आपसी मतभेद कलह की वजह बनते हैं
क्यों नहीं हम उनकी रुचि के अनुसार उनका मार्गदर्शन करते?
 -सरिता सिंह
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एक घंटा पहले

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