आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

बुरे वक्त ने कितना कुछ सिखाया है मुझे

                
                                                         
                            बुरे वक्त ने कितना कुछ सिखाया है मुझे
                                                                 
                            
हर अपने का बदलता रूप दिखाया है मुझे
पहले था मैं लोगों की फितरत से अनजान
वक्त ने इस कदर समझदार बनाया है मुझे
लोगों के चेहरो से बात पढ़ लेता हूँ
कम उम्र में इस जिंदगी ने कितना कुछ सिखाया है मुझे
 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक घंटा पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर