वक्त से बड़ा नहीं कोई,
वक्त की सब पर मार पड़ी है।
जब कुछ नहीं मिलता,
तो वक्त को ही कोसते हैं।
जब सब कुछ मिल जाता है,
तो उस वक्त को भूल जाते हैं।
वक्त बीतते बीतते गर्व होने लगता है,
फिर वक्त की ऐसी मार पड़ती है,
जहां थे वहीं लाकर पटक देता है।
-चंद्र दत्त शर्मा
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