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समानता के अधिकार में

                
                                                         
                            समानता के अधिकार में,
                                                                 
                            
अलग अलग मानदंड क्यों?
काटो तो सबका रक्त एक,
फिर यह भेदभाव क्यों ?
यदि हम सब समान,
तो फिर अवसर भी समान,
जो सीमित था, वो व्यापक क्यों?
व्यवस्था को सुलझाने में,
फिर इतनी आना कानी क्यों?
-चंद्र दत्त शर्मा
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एक महीने पहले

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