प्यार का खुमार एक दरिया है,
धीरे धीरे उतर जाएगा।
जिसने समझ लिया,
डूबने से बच गया,
धीरे धीरे किनारा कर लिया,
वक्त आने पर सुधर जाएगा।
-चंद्र दत्त शर्मा
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