पकड़कर रखना उन यादों को,
भूलना मत तुम अपने वादों को।
कोई इंतजार कर रहा है,
आवाज सुनने को तड़फ रहा है।
याद में दिन रात एक करते हैं,
यादों को पुनः नया कर दो।
पकड़कर रखना उन यादों को,
भूलना मत तुम अपने वादों को।
इन बातों में ना बीत जाए जवानी,
भविष्य में ना बन जाए कोई कहानी।
आगे की चिंता मत करो,
पकड़ बनाओ अपनी यादों पर,
अपने आज को सँवार लो।
-चंद्र दत्त शर्मा
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