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निगाहों से उतारना हो

                
                                                         
                            जिसे सबकी निगाहों से उतारना हो,
                                                                 
                            
लोग उसके खिलाफ प्रपंच रचते हैं।
यह खाते पीते घर की ईर्ष्या जलन है,
हर काम की नाकाम कोशिश करते हैं।
-चंद्र दत्त शर्मा
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6 hours ago

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