मोहब्बत के अंजाम बुरे हो रहे हैं,
कर करके बुरे फंस रहे हैं।
ना करो तो दिल दिमाग परेशान,
मोहब्बत को भी खेल समझ रहे हैं।
-चंद्र दत्त शर्मा
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