खो गया है प्यार,
ढूंढो ढूंढो मेरे यार।
नफरत से कुछ ना होगा,
टूटना नहीं,
जोड़ना सिखाया,
मतलबी को रस्ता,
हमने दिखाया,
अब उससे नहीं कोई वास्ता।
यूं ही जिंदगी ना चले,
बन जाती हैं दास्ताँ।
मत मानो हार,
जुड़ जाएंगे नए तार।
-चंद्र दत्त शर्मा
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