तेरा साथ मेरा, यही है जीवन का फेरा,
राह आसान नहीं, गर्दिशों ने जमाया डेरा।
तेरे मेरे के चक्कर में झंझटों ने मुझे घेरा,
क्यूं है हाय माया? बंदे कुछ नहीं है तेरा !
-चंद्र दत्त शर्मा
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